बाबू शोभाराम राजकीय कला महाविद्यालय, अलवर के भूगोल विभाग द्वारा स्नातक कक्षाओं के Non-College विद्यार्थियों के लिए प्रायोगिक परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी किया गया है। यह कार्यक्रम उन विद्यार्थियों के लिए है जो भूगोल विषय के अंतर्गत अध्ययन कर रहे हैं। महाविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी सूचना के अनुसार बी.ए. प्रथम, तृतीय तथा पंचम सेमेस्टर के विद्यार्थियों की प्रायोगिक परीक्षाएं निर्धारित तिथियों पर आयोजित की जाएंगी।
इस सूचना के माध्यम से विद्यार्थियों को उनके प्रायोगिक परीक्षा की तिथि, समय, बैच संख्या तथा रोल नंबर की जानकारी दी गई है। सभी विद्यार्थियों को निर्धारित समय पर महाविद्यालय में उपस्थित होना अनिवार्य है। परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्रों को अपना प्रवेश पत्र तथा आवश्यक प्रायोगिक सामग्री साथ लानी होगी।
भूगोल विषय की प्रायोगिक परीक्षा विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम का एक महत्वपूर्ण भाग होती है। इसमें छात्रों की विषय संबंधी व्यावहारिक जानकारी, मानचित्र अध्ययन, उपकरणों का उपयोग तथा भौगोलिक विश्लेषण की क्षमता का मूल्यांकन किया जाता है। इसलिए सभी विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए अच्छी तैयारी करने की सलाह दी जाती है।
महाविद्यालय के भूगोल विभाग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार अलग-अलग सेमेस्टर के विद्यार्थियों को अलग-अलग बैच में परीक्षा के लिए बुलाया गया है। इससे परीक्षा प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराया जा सकेगा और सभी विद्यार्थियों को परीक्षा देने में सुविधा होगी।
प्रायोगिक परीक्षा का विस्तृत कार्यक्रम
भूगोल विभाग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार बी.ए. के विभिन्न सेमेस्टर के विद्यार्थियों की प्रायोगिक परीक्षाएं निम्नलिखित तिथियों और समय पर आयोजित की जाएंगी।
बी.ए. सेमेस्टर पंचम (Semester V)
बी.ए. सेमेस्टर पंचम के विद्यार्थियों की प्रायोगिक परीक्षा 25 मार्च 2026 को आयोजित की जाएगी। इस बैच की संख्या 529018 है। इस बैच में रोल नंबर 2412384 से लेकर 2445349 तक के विद्यार्थी शामिल होंगे। इन सभी विद्यार्थियों की परीक्षा सुबह 9:00 बजे से शुरू होगी। सभी विद्यार्थियों को निर्धारित समय से पहले परीक्षा स्थल पर पहुंचना होगा।
बी.ए. सेमेस्टर तृतीय (Semester III)
बी.ए. सेमेस्टर तृतीय के विद्यार्थियों की प्रायोगिक परीक्षा भी 25 मार्च 2026 को आयोजित की जाएगी। इस सेमेस्टर के विद्यार्थियों को दो अलग-अलग बैच में परीक्षा के लिए बुलाया गया है।
पहले बैच की संख्या 529054 है। इस बैच में रोल नंबर 2413396 से लेकर 2531516 तक के विद्यार्थी शामिल हैं। इन विद्यार्थियों की परीक्षा दोपहर 12:00 बजे आयोजित की जाएगी।
दूसरे बैच की संख्या 529055 है। इस बैच में रोल नंबर 2531520 से लेकर 2536006 तक के विद्यार्थी शामिल हैं। इन विद्यार्थियों की परीक्षा भी दोपहर 12:00 बजे आयोजित की जाएगी।
बी.ए. सेमेस्टर प्रथम (Semester I)
बी.ए. सेमेस्टर प्रथम के विद्यार्थियों की प्रायोगिक परीक्षा 27 मार्च 2026 तथा 28 मार्च 2026 को आयोजित की जाएगी। इस सेमेस्टर के विद्यार्थियों को तीन अलग-अलग बैच में विभाजित किया गया है।
पहले बैच की संख्या 529115 है। इस बैच में रोल नंबर 2414221 से लेकर 2614574 तक के विद्यार्थी शामिल हैं। इन विद्यार्थियों की परीक्षा 27 मार्च 2026 को सुबह 9:00 बजे आयोजित की जाएगी।
दूसरे बैच की संख्या 529116 है। इस बैच में रोल नंबर 2614577 से लेकर 2618169 तक के विद्यार्थी शामिल हैं। इन विद्यार्थियों की परीक्षा 27 मार्च 2026 को दोपहर 12:00 बजे आयोजित की जाएगी।
तीसरे बैच की संख्या 529117 है। इस बैच में रोल नंबर 2618172 से लेकर 2621264 तक के विद्यार्थी शामिल हैं। इन विद्यार्थियों की परीक्षा 28 मार्च 2026 को दोपहर 12:00 बजे आयोजित की जाएगी।
विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश
भूगोल विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार सभी विद्यार्थियों को परीक्षा से संबंधित निम्नलिखित निर्देशों का पालन करना अनिवार्य होगा।
सबसे पहले सभी विद्यार्थियों को परीक्षा के समय अपना मूल प्रवेश पत्र (Admit Card) साथ लाना होगा। बिना प्रवेश पत्र के किसी भी छात्र को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
दूसरा, विद्यार्थियों को परीक्षा समय से कम से कम 30 मिनट पहले परीक्षा स्थल पर पहुंचना चाहिए। इससे परीक्षा की प्रक्रिया को समय पर शुरू किया जा सकेगा।
तीसरा, सभी विद्यार्थियों को अपनी प्रायोगिक फाइल, पेंसिल, रबर, स्केल, तथा अन्य आवश्यक सामग्री साथ लानी होगी। प्रायोगिक परीक्षा में इन उपकरणों की आवश्यकता पड़ती है, इसलिए इनके बिना परीक्षा देना कठिन हो सकता है।
चौथा, परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। यदि कोई छात्र परीक्षा के दौरान मोबाइल का उपयोग करते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
पांचवां, सभी विद्यार्थियों को परीक्षा के दौरान महाविद्यालय द्वारा निर्धारित नियमों और अनुशासन का पालन करना होगा।
प्रायोगिक परीक्षा का महत्व
भूगोल विषय में प्रायोगिक परीक्षा का विशेष महत्व होता है। इसमें विद्यार्थियों को मानचित्र अध्ययन, स्थलाकृतिक मानचित्र, सर्वेक्षण तकनीक, कंपास का उपयोग, तथा विभिन्न भौगोलिक आंकड़ों के विश्लेषण से संबंधित कार्य करने होते हैं।
इस परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों की व्यावहारिक समझ का आकलन किया जाता है। यह परीक्षा उनके अंतिम परिणाम में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी प्रायोगिक फाइल पूरी तरह से तैयार रखें और परीक्षा से पहले सभी महत्वपूर्ण विषयों का अभ्यास कर लें।
